27 जून 2017

3- दुःखों की बस्ती


दुःखों की बस्तियों में तो, बस आँसू का बसेरा है
जिधर भी देखती हूँ मैं, मिला डूबा अँधेरा है।

वो देखो जी रहें हैं यूँ, न रोटी है न कपड़ा है
उन्हें मायूसियों के फिर, घने जंगल ने घेरा है।

नहीं रुख्सत हुई बेटी, न कंगन है न जोड़ा है
ये आँखे राह तकती हैं, विरासत में अँधेरा है।

नजर आती नहीं कोई, किरण उम्मीद की उनको
मगर सेठों के घर में तो, सवेरा ही सवेरा है।

मिले कोई तो अब उनको, जो समझे हाले दिल उनका
छेड़ो ये तराना तुम, ये मेरा है ये मेरा है।

Bhawna

9 जून 2017

2- लिक्खी है पाती
 
अब ये दुनिया नहीं है भाती
तभी तुम्हें लिक्खी है पाती।

खून-खराबा है गलियों में,
छिपे हुए हैं बम कलियों में,
है फटती धरती की छाती,
तभी तुम्हें लिक्खी है पाती।

उज़ड़ गये हैं घर व आँगन,
छूट गये अपनों के दामन,
यही देख के मैं घबराती,
तभी तुम्हें लिक्खी है पाती।

बढ़ी बहुत बेचैनी मन में,
फैल रही नफरत जन-जन में
नही नींद भी अब आ पाती,
तभी तुम्हें लिक्खी है पाती।

Bhawna

3 जून 2017

1-ज़रा रोशनी मैं लाऊँ 

छाया घना अँधेरा
ज़रा रोशनी मैं लाऊँ 
ये सोचकर कलम को
मैंने उठा लिया है...
घूमें गली-गली में 
नर-वहशी और दरिंदे
तड़पें शिकार होकर
घायल पड़े परिंदे
उनके कटे परों पर
मरहम लगा दिया है।
ये सोचकर कलम को
मैने उठा लिया है...
सजदे में झुकते सर भी
रहते कहाँ सलामत
पूजा के स्थलों में 
आ जाये कब क़यामत 
नफरत पे प्रेम का रंग
थोड़ा चढ़ा दिया है।
ये सोचकर कलम को
मैने उठा लिया है...                       
ढूँढें डगर कहाँ जब
क़ानून ही है अंधा
मर्ज़ी से इसको बदलें
नेताओं का है धंधा
आँखों में आस का अब
दीपक जला दिया है।
ये सोचकर कलम को
मैने उठा लिया है... 
"अंतर्राष्ट्रीय हिंदी कविता प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त"
Bhawna

3 मार्च 2017

29 फ़रवरी 2016

किस्मत

कुछ ऐसे हालात बने कि मेरा ब्लॉग मुझे पुकारता रहा और मैं उसकी पुकार सुनकर भी उस तक ना आ सकी किस्मत ने कुछ ऐसा पटका दिया कि अब तक नहीं सँभल पाई दुःख तो बहुत है पर जहाँ अपनी नहीं चलती वहाँ क्या किया जाए-

रूठ जाती है किस्मत कभी 
तो कभी साथी छोड़ देता है साथ
 खिलाए थे जो रंग-बिरंगे फूल संग-संग हमने
खो जाती है उनकी खुशबू कहीं
और हम मन को मजबूती से पकड़े
समेटने की नाकामयाब कोशिश 
करते रह जाते हैं आखिरी साँस के साथ...

2016 में "हम लोग" पत्रिका में पेज न० 61पर मेरे कुछ माहिया प्रकाशित हुए हैं लिंक है-

file:///C:/Users/Bhawna/Downloads/humlog%202016%20final%20new.pdf

Bhawna