7 अक्तूबर 2010

नहीं रही अब हिन्दी दूर ऑस्ट्रेलिया से...

ऑस्ट्रेलिया-"सिडनी" की बहुचर्चित प्रथम ऑनलाईन हिन्दी पत्रिका "हिन्दी गौरव" का अब प्रकाशन भी मासिक पत्रिका के रूप में प्रारम्भ हो गया है, जिसके प्रथम प्रकाशित संस्करण का विमोचन २ अक्तूबर को सिडनी में बहुत धूमधाम के साथ मनाया गया।
जिसके मुख्य संपादक अनुज कुलश्रेष्ठ जी ने संपादन समिति में मुझे और रामेश्वर काम्बोज जी को भी सम्मिलित किया है। इस पत्रिका के प्रथम संस्करण में मेरी दो रचनाएं और गॉधी जी पर लेख प्रकाशित हुए हैं।

साथ ही सिडनी में एक कवि सम्मेलन का आयोजन भी ११ सितम्बर २०१० को किया गया जिसमें मुझे भी कविता पाठ करने का अवसर प्राप्त हुआ।

प्रस्तुत हैं "हिन्दी गौरव" पत्रिका में प्रकाशित उस कवि सम्मेलन पर समाचार और मेरी रचनाएं-













































11 टिप्‍पणियां:

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

ओंन लाइन पत्रिका " हिंदी गौरव" के प्रकाशन पर बधाई और शुभकामनाये... आभार

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

bharat aur hindi ka samman badha aapko bhi dheron badhai

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

dr.bhavnaji hum apki is jankari se abhibhoot hain. aapko bahut bahut badhai

Udan Tashtari ने कहा…

हिन्दी गौरव एवं सिडनी में हिन्दी दिवस समारोह और कवि सम्मेलन के बारे में जान कर और तस्वीरें देखकर बहुत अच्छा लगा.

आपकी दोनों रचनाएँ पसंद आई. बहुत बधाई.

विडियो या ऑडियो का भी कुछ इन्तजाम किया जाये तो आनन्द आ जायेगा.

शुभकामनाएँ.

Dr.Bhawna ने कहा…

महेन्द्र मिश्र जी, जयकृष्ण राय तुषार जी बहुत-बहुत धन्यवाद आप लोगों की हौसलाफजाई ही आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है...

Dr.Bhawna ने कहा…

समीर जी आपकी टिप्पणी के बिना तो लेखन अधूरा लगता है अपनों के साथ अपने अच्छे-बुरे पल बाँटने से जो खुशी मिलती है उसकी किसी भी चीज से मुकाबला नहीं किया जा सकता।

आपने जो विडियो या ऑडियो की बात कही कोशिश करती हूँ, इससे पहले कभी डाली तो नहीं हाँ प्रयास करनती हूँ संभव हुआ तो जरूर वरना आपको ही परेशान करूँगी...

सहज साहित्य ने कहा…

डॉ भावना जी आपने आस्ट्रेलिया में रहकर हिन्दी का जो मान बढ़ाया है , वह सराहनीय है । आने वाले समय में आप और अध्याय जोड़ेंगी , मेरा अटूट विश्वास है ।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ....

MUFLIS ने कहा…

पत्रिका "हिंदी गौरव"
के प्रकाशन के
लिए बधाई
और
शुभ कामनाएं

विजय तिवारी " किसलय " ने कहा…

आपके हिंदी प्रसार-प्रचार के अनुकरणीय प्रयास के लिए हम सभी गौरवान्वित हैं.
- विजय तिवारी ' किसलय' हिन्दी साहित्य संगम जबलपुर

विजय तिवारी " किसलय " ने कहा…

आपके हिंदी प्रसार-प्रचार के अनुकरणीय प्रयास के लिए हम सभी गौरवान्वित हैं.
- विजय तिवारी ' किसलय' हिन्दी साहित्य संगम जबलपुर