10 अक्तूबर 2012

मधुर मिलन


शाम के व़क्त
सूरज के कदम
हौले-हौले से
जब लौटने लगें,
अपनी किसी
धुन में डूबे हुए 
साये से बने
पंछियों के कारवाँ
नीड़ों के रुख 
जब करने लगें,
शोख लहरें
अँधेरे की ओट ले
बिना आहट
सागर की बाहों में
मचलकर 
जब समाने लगें,
चंचल भौंरे
फूलों में छिपकर
बन्द होने का
बहुत बेसब्री से
यूँ इंतज़ार
जब करने लगें,
डगर पर
आहट के कदम
कुछ कम से
जब पड़ने लगें,
हाथों में लिये
चमकते सितारे
जुगनू जब
करीब आने लगें,
जलती लौ से
वो पिंघलती हुईं 
मोमबत्तियाँ
जाने-पहचाने से
गीले-गीले से
अक्स बनाने लगें,
दरवाजों के 
समान दिशाओं में
दोनों ही पट
जब समाने लगें,
दूर कहीं पे 
बतियाते फिरते
झींगुरों की भी
मधुरिम बतियाँ
जब सबको
सुनाई देने लगें,
उस समय
तुम मिलने आना
पेड़ों के साये
लहराते हुए यूँ
ले लेंगे हमें
आगोश में अपनी
कोई न हमें 
पहचान पायेगा
बरसों बाद
वो अधूरा मिलन
प्यार से भरी
कहानियाँ मन की
लिखकर जायेगा ।
डॉ० भावना कुँअर

Bhawna

27 टिप्‍पणियां:

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

बहुत ही खूबसूरत मन से लिखी एक खूबसूरत कविता |

सहज साहित्य ने कहा…

'मिलन' के इस चोका पर टिप्पणी करते समय शब्द कहीं खो गए हैं । चोका एक वर्णनात्मक जापानी छन्द है । डॉ सुधा गुप्ता जी ने हिन्दी जगत को इस छन्द से समृद्ध किया है । डॉ हरदीप सन्धु ने भी इसमें नये भाव जोड़े हैं । भावना जी ने मिलन चोका लिखकर हिन्दी की शक्ति का अहसार कराया है कि प्रेम की पावन अनुभूति का रेशमी अहसास कैसे सँजोया जाता है । खड़ी बोली में इतनी मसृणता कैसे उतारी जा सकती है ! इसे हिन्दी- संस्कृत की विदुषी भावना जी ने कर दिखाया है । इनका हर शब्द पाठक को भीतर तक छू जाता है , मन को गीला कर जाता है ,चन्दनी खुशबू से भर जाता है ।अनेकश: बधाई भावना जी । हमें आप पर गर्व है !!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

वाह ...मिलन कितना सुंदर ... चोका अच्छा लगा ।

ज्योत्स्ना शर्मा ने कहा…

बहुत सुन्दर ...मधुर प्रस्तुति है आपकी ...मनमोहक
बहुत बधाई ..भावना जी

ऋता शेखर मधु ने कहा…

सुंदर झाँकी
मधुर मिलन की
संध्या की बेला
साक्षी बनता चन्द्र
प्रिया प्रिय के पास|

बहुत बहुत बधाई|

shashi purwar ने कहा…

namaskaar bhavna ji ,aapko blog par dekhna sukhad raha ....accha laga blog par aakar ........ab yahan bhi aapki rachnaye padh sakte hai --shashi purwar

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत सुन्दर!!

KAHI UNKAHI ने कहा…

भावना जी निःसन्देह ही आप कलम की धनी हैं...। बहुत खूबसूरत चोका है...किन शब्दों में तारीफ़ करूँ...। बस मेरी हार्दिक बधाई स्वीकारें...।
प्रियंका

KAHI UNKAHI ने कहा…

भावना जी निःसन्देह ही आप कलम की धनी हैं...। बहुत खूबसूरत चोका है...किन शब्दों में तारीफ़ करूँ...। बस मेरी हार्दिक बधाई स्वीकारें...।
प्रियंका

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

बहुत सुन्दर चोका. एक एक शब्द सौंदर्य और माधुर्य से ओत प्रोत है. बहुत बधाई और शुभकामनाएं.

Rachana ने कहा…

लहराते हुए यूँ
ले लेंगे हमें
आगोश में अपनी
कोई न हमें
पहचान पायेगा
बरसों बाद
वो अधूरा मिलन
प्यार से भरी
कहानियाँ मन की
लिखकर जायेगा ।
bhai himanshu ji ne jo likha hai vo hi sach hai bhavna ji kamal ka likha hai
rachana

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 11-10 -2012 को यहाँ भी है

.... आज की नयी पुरानी हलचल में ....शाम है धुआँ धुआँ और गूंगा चाँद । .

Manju Mishra ने कहा…

जलती लौ से
वो पिंघलती हुईं
मोमबत्तियाँ
जाने-पहचाने से
गीले-गीले से
अक्स बनाने लगें

amazing imagination ... too good

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

वाह !

मन्टू कुमार ने कहा…

बहुत ही गहरे व उम्दा भाव |

सादर नमन |

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

मेरे ब्लॉग पर शब्दायन की समीक्षा के साथ डॉ0 कुँवर बेचैन जी का एक गीत हमने प्रकाशित किया है |समय मिले तो देख लीजिएगा |

Anita ने कहा…

सुंदर! अति सुंदर रचना !
~सादर !!!

expression ने कहा…

बहुत बहुत सुन्दर....

बधाई.

अनु

Reena Maurya ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना..
:-)

Reena Maurya ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना..
:-)

***Punam*** ने कहा…

बहुत सुन्दर....
मिलन की बधाई...!!

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

बहुत खूबसूरत रचना |

नई पोस्ट:- ओ कलम !!

sushila ने कहा…

अद्‍भुत ! विभोर करता चोका !
नमन करने को जी चाह्ता है !

Rohitas ghorela ने कहा…

बरसों बाद
वो अधूरा मिलन
प्यार से भरी
कहानियाँ मन की
लिखकर जायेगा ।

आपकी ये पोस्ट दिल के बहुत करीब है
यूँ मान लीजिये की बस .... छु गयी
.. सुन्दर प्रस्तुती
बधाई स्वीकारें। आभार !!!

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत हैं
http://rohitasghorela.blogspot.in/2012/10/blog-post_17.html

Rohitas ghorela ने कहा…

बरसों बाद
वो अधूरा मिलन
प्यार से भरी
कहानियाँ मन की
लिखकर जायेगा

आपकी ये पोस्ट दिल के बहुत करीब है
यूँ मान लीजिये की बस .... छु गयी
.. सुन्दर प्रस्तुती
बधाई स्वीकारें। आभार !!!

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत हैं
http://rohitasghorela.blogspot.in/2012/10/blog-post_17.html

सतीश सक्सेना ने कहा…

प्रभावी कलम ...
मंगल कामनाएं !

भावना पाण्डेय ने कहा…


beautiful :)