30 दिसंबर 2014










सभी मित्रों को मेरी ओर से नववर्ष की शुभकामनाएँ-

दुआ करती
न रहे तन्हाँ कोई
नववर्ष में।


Bhawna

7 टिप्‍पणियां:

सहज साहित्य ने कहा…

मेरी दुआएँ / आँचल में समाए /सारी खुशबू ।-काम्बोज

सहज साहित्य ने कहा…
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सहज साहित्य ने कहा…
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Udan Tashtari ने कहा…

आप एवं आपके परिवार के लिये नया वर्ष मंगलमय हो।
-समीर लाल ’समीर’

Dr.Bhawna ने कहा…

Aap dono ka bahut bahut aabhaar ...

Ravi kant yadav justiceleague ने कहा…

बहुत सराहनीय प्रयास कृपया मुझे भी पढ़े | :-)
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कहकशां खान ने कहा…

दिल को छू जाने वाले शब्‍द।