31 अक्तूबर 2011

बरखा आए( हाइगा)

नन्हीं बालिका ऐश्वर्या कुँअर की कल्पना की ऊँची उड़ान पर आधारित हाइगा


14 टिप्‍पणियां:

सहज साहित्य ने कहा…

इस ऊँची उड़ान पर मैं बधाई देने में गर्व का अहसास कर रहा हूँ । बरखा अगर सागर में आकर नहाने की बात सोचेगी तो उसका डूबना तय है । बहुत प्यारी कल्पना है बेटी ऐश्वर्या !

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत उम्दा बिटिया...मम्मी की सीख काम आई..:)

वन्दना ने कहा…

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
अवगत कराइयेगा ।

http://tetalaa.blogspot.com/

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

वाह बहुत सुन्दर

Rachana ने कहा…

bahut khoob beta aapto kamal ka likhti hain .aapki soch ne bahut gahrai hai .aapsada aese hi likhti rahiye
ashirvad beta
rachana

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

सुन्दर....
ऐश्वर्या को शुभकामनाये....

Dr.Bhawna ने कहा…

meri bitiya aap sabka sneh paakr bahut khush hai vo abhi matr 11 saal ki hai or hindi padhna seekh rahi hai lekhan men uska yah vahla haiga hai...

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

बहुत ही सुन्दर हाइगा और आपका मेरे ब्लॉग पर आना बहुत ही सुखद लगा |आभार

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

बहुत ही सुन्दर हाइगा और आपका मेरे ब्लॉग पर आना बहुत ही सुखद लगा |आभार

कुमार राधारमण ने कहा…

जो डूबा सो पार।

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत प्यारी कल्पना| आभार|

मनीष कुमार ‘नीलू’ ने कहा…

बहुत सुन्दर !
बधाई हो भावमयी उड़ान के लिए

ऋता शेखर 'मधु' ने कहा…

ऐश्वर्या,आपकी कल्पना हाइगा में बिल्कुल साकार दिख रही है बेटा|आशा है जल्द ही आपकी दूसरी रचना देखने को मिलेगी|ढेर सारे आशीर्वादों के साथ,
ऋता

डॉ0 अशोक कुमार शुक्ल ने कहा…

सुन्दर कल्पना के लिये धन्यवाद

कोलाहल से दूर!