18 नवंबर 2006

डॉ० व्योम जी द्वारा संपादित पुस्तक हाइकु दर्पण और उसमें मेरे कुछ हाइकु गुलमोहर पर...









4 टिप्‍पणियां:

संजय बेंगाणी ने कहा…

गुलमोहर पर लिखा अंतिम हाइकू लाजवाब है.

प्रभाकर पाण्डेय ने कहा…

सभी हाइकू यथार्थता से परिपूर्ण हैं ।

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़ियां, भावना जी. बधाई.

Dr.Bhawna ने कहा…

संजय जी, प्रभाकर जी, समीर जी दाद देने के लिये बहुत-बहुत शुक्रिया। अपना स्नेह ऐसे ही बनाये रखिये।