8 नवंबर 2013

अभिनव इमरोज में मेरी १३ छोटी-छोटी बाल-रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं जिनको छोटे बच्चे बड़ी आसानी से याद कर सकते हैं अभिनव-इमरोज का धन्यवाद करते हुए आप सब लोगों के साथ शेयर करना चाहूँगी। आप भी सोचते होंगे कि कहाँ गायब रही इतने दिनों से तो बस यही कहूँगी कि-

घेरा है अँधेरों ने कुछ इस तरह से हमको
भूले हैं प्यार अपना भूले हैं हर डगर को।
























Bhawna

4 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया..बधाई

SUNIL GAJJANI ने कहा…

NAMASKAAR
SUNDER RACHNAAON K LIYE SADHUWAAD
SAADAR

Rachana Srivastava ने कहा…

baht bahut badhai bhawna ji


Rachana Srivastava

Vikas Gupta ने कहा…

जी बधाईयाँ । सुन्दर कविताएँ