वीणा मासिकश्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य सभा , इन्दौर की हिन्दी की एक मात्र सबसे पुरानी वह पत्रिका है जो 1927 से अब तक निरन्तर प्रकाशित हो रही है ।इस पत्रिका ने समभाव से हिन्दी साहित्य की सभी विधाओं और सभी रचनाकारों को समान महत्त्व दिया है । दिसम्बर 2010 के अंक में डॉ भावना कुँअर के 28 हाइकु दिए गए हैं । सम्भवत इतने हाइकु पहली बार दिए हैं।इसी क्रम में लोकगंगा मासिक देहरादून ने भी अपने जनवरी 2011 के अंक मे डॉ भावना कुँअर के छह हाइकु दिए गए हैं । हाइकु जगत में इसे उपलब्धि ही कहा जाएगा । सभी शुभचिन्तकों की ओर से हार्दिक बधाई ! रामेश्वर काम्बोज
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24 मई 2011
वीणा और लोक गंगा में हाइकु
वीणा मासिकश्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य सभा , इन्दौर की हिन्दी की एक मात्र सबसे पुरानी वह पत्रिका है जो 1927 से अब तक निरन्तर प्रकाशित हो रही है ।इस पत्रिका ने समभाव से हिन्दी साहित्य की सभी विधाओं और सभी रचनाकारों को समान महत्त्व दिया है । दिसम्बर 2010 के अंक में डॉ भावना कुँअर के 28 हाइकु दिए गए हैं । सम्भवत इतने हाइकु पहली बार दिए हैं।इसी क्रम में लोकगंगा मासिक देहरादून ने भी अपने जनवरी 2011 के अंक मे डॉ भावना कुँअर के छह हाइकु दिए गए हैं । हाइकु जगत में इसे उपलब्धि ही कहा जाएगा । सभी शुभचिन्तकों की ओर से हार्दिक बधाई ! रामेश्वर काम्बोज
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